क्या आप सुरक्षित हैं ऑनलाइन की दुनिया में ? (are you safe in online market)

क्या आप ऑनलाइन बैंकिंग करते हैं या ऑनलाइन शॉपिंग ? अगर आपका उत्तर हा हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए हैं.


आगे बढ़ते दौर के साथ अगर हम आगे न बड़े तो ये बेमानी होगी।  हर व्यक्ति को आगे बढ़ना ही चाहिए।  और अगर बात टेक्नोलॉजी की हो तो वह सीखनी ही चाहिए। तभी हम ज़माने के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल पाएंगे. ऐसा ही कुछ ऑनलाइन मार्केट के साथ हैं. आए दिन हम टीवी पर इंटरनेट पर खरीद बिक्री की बाते सुनते है। और सोच में पड़ जाते हैं क्या यह सुरक्षित हैं। और बहुत बार अखबारों में यह सुनकर डर लगने लगता हैं की फलाने व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखा हुआ हैं.

कैसे बचे हम इन चीजो से  ? और कैसे करे सुरक्षित ऑनलाइन खरेदी। ? इस आर्टिकल में मैं आपको कुछ बिलकुल ही साधारण पर बहुत ही प्रभावी  उपाय बताने जा रहा हु. इन उपायो का इस्तेमाल करके आप इन सभी धोखाधडियो से बच सकते हैं. या कम तो जरूर कर सकते हैं.

१. किसी भी वेबसाइट को, वो चाहे बैंक की हो या फिर ऑनलाइन शॉपिंग की गूगल पे सर्च करके न खोले। जहा तक हो सके खुद टाइप करे और याद रखे की एकभी गलती न हो. वरना आप फिशिंग साइट की चपेट में आ सकते हैं. फिशिंग वो प्रणाली हैं जिसके इस्तेमाल से आपकी जानकारी आपके द्वारा चुराई जाती हैं.

उदा. मान लीजिये आपकी बैंक हैं ixixi.com और आपसे गलती से iixixi.com टाइप हो गया तब भी आपकी वेबसाइट खुलेगी, और हा  दिखेगी भी एकदम ओरिजिनल वेबसाइट जैसी पर जब आप इसमें अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालेंगे तब वह उस साइट के मालिक के पास चला जायेगा वो बादमे इसका दुरूपयोग कर सकता हैं. आजकल यह तरीका काफी हद तक नहीं चलता क्युकी बैंको ने OTP नाम की प्रणाली विकसित करली हैं जिसमे आप तब तक बैंक व्यवहार नहीं कर सकते जब तक आपको मोबाइल पैर मैसेज न आजाये.

२. अगर आप वेबसाइट पर आर्थिक व्यवहार कर रहे हो. तो  जरूर निश्तित करे की आपकी वेबसाइट सुरक्षित हैं. इसको जानने का एक तरीका हैं, वेबसाइट के खुलते ही एड्रेस बार में देखे की वह https:\ लिखा हो. नाकि http:\ ये छोटा  फर्क  आपको  जालसाजों  से बचा सकता हैं.


३. एक्सपर्ट लोगो द्वारा हमेशा हिदायत दी जाती हैं की हर कुछ समय बाद अपना पासवर्ड बदले और हर साइट के लिए अलग पासवर्ड चुने. साहाब हम इंसान हैं मशीन नहीं के इतने पासवर्ड याद रखे। पर उनका यह कहना भी तो गलत नहीं हैं. तो कैसे रखे याद इतने सारे पासवर्ड को याद. इसका  जो मैंने इजात किया हैं और आपसे शेयर करना चाहता हु.
मान लीजिये आप www.amazon.com  की वेबसाइट पर हैं. तो पासवर्ड का चयन इस तरह करे. (amaz + आपका वो पासवर्ड जिसे आप हमेशा इस्तेमाल करते हैं. + आपकी गाड़ी का नंबर )

उदा. amaz + common password+ 1234  = amazcommonpassword1234  

और इस तरह आपका पासवर्ड हर वेबसाइट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड होगा.
आप चाहे तो इसकी जगह बदल सकते हैं

उदा. common  password  + amaz + 1234 जैसे आप चाहे.

इसी तरह आप www.flipkart.com या ebay.com के साथ भी कर सकते हैं.   

४. ऑनलाइन व्यवहार अगर आप क्रेडिट कार्ड से कर रहे हैं तो एक और बात का आपको ध्यान देना होगा और वो हैं. back button.  कभी कभी इंटरनेट की धीमी रफ़्तार की वजह से हम व्यवहार करते समय रिफ्रेश या back बटन दबा देते हैं. और अगर ऐसा हुआ तो हो सकता हैं की आपके कार्ड से दो बार भुकतान हो जाये.
५. एक बात अपने दिमाग में डाल  दे की आपकी बैंक आपको कभी भी फ़ोन नहीं करती और अगर आपसे काम हैं तो वह आपको पत्र द्वारा सूचित करती   हैं. इसलिए अगर आपको किसीका  फ़ोन आता हैं और वह कितना भी पेशेवर तौर से आपसे बात करे.  तो उसे कोई जानकारी ना दे. बहुदा  ATM renew करने की बात करते हैं  यह जालसाजी हैं. आपका बैंक आपको कभी भी फ़ोन नहीं करता.

६. अगर आप किसी सार्वजनिक जगह जैसे किसी दोस्त का लैपटॉप या किसी साइबर कैफ़े से वेबसाइट इस्तेमाल कर रहे हैं. तो सजग हो जाये. डेटा लोगर नाम की प्रणाली आपका डेटा चुरा सकती हैं. कई बार ये डेटा लोगर कंप्यूटर के पीछे लगे होते हैं मगर अधिकतर ये सॉफ्टवेयर के रूप मैं कंप्यूटर में ही होते हैं. और जैसे ही आप अपना username  और password डालते हैं ये उसे save  कर लेते हैं. कभी कभी तो इनकी जरूरत भी नहीं पड़ती. आपका इंटरनेट ब्राऊज़र ही ये काम कर देता हैं. होता यह हैं की आप अपने username  और password  डालते ही आपको एक मैसेज आता हैं save password  और जल्दबाजी में आप उसको ok  कर देते हैं. याद रखे सार्वजनिक जगह से ऐसे व्यवहार करने से बचे. कितनी भी जल्दबाजी क्यों न हो। मर्जी हैं आपकी आखिर पैसा  आपका.  
इसका एक और उपाय हैं जो अक्सर आपकी बैंक उसकी वेबसाइट पर देती हैं. यह प्रणाली हैं  वर्चुअल कीबोर्ड (virtual  keyboard) इसकी सहायता से आप माउस माउस की सहायता से आप अक्षरो को  दबा सकते हैं। यह प्रणाली डेटा लोगर को धोखा देने में सक्षम होती हैं और आप धोखा धडी से बचे रहते हैं. हा थोड़ी देर जरूर  लगती हैं पर दुर्घटना से देर भली.

अब तक हमने जो भी तरीके देखे वो सभी कुछ ऐसे तरीके थे जिसे हम बिना किसी सॉफ्टवेयर के कर सकते हैं. इन तरीको के अलावा कुछ ऐसे भी खतरे हैं  जिन्हे हम देख भी नहीं पाते। वो हैं कंप्यूटर वायरस , ट्रोजन हॉर्स , माल वेयर  , रैनसम वेयर इन खतरों से बचने के लिए हमे कुछ डिजिटल औजारो की जरुरत पड़ती हैं.

७. १  प्लगिन्स (plugins) : प्लगिन्स वो जरिया होता हैं जिसे इस्तेमाल करके हम अपने मौजूदा प्रोग्राम को और कार्यक्षम बना सकते हैं। मन लीजिये आप यूट्यूब पर कोई वीडियो देख रहे हैं. और आपको उसे डाउनलोड करना हैं  उसे अपने ब्राउज़र में यूट्यूब डाउन लोडर नामक प्लगिन्स  सकते हैं. इसी तरह कोनसी साइट गलत और कोनसी साइट सही हैं ये पता करने के लिए आप McAfee SECURE Safe Browsing का प्लगिन्स इस्तेमाल कर सकते हैं. और ऐसे कई प्लगिन्स आप इस्तेमाल कर सकते हैं.


७. २ फ़ायरवॉल (Firewall) : फ़ायरवॉल वो प्रणाली हैं जो एक विश्वसनीय नेटवर्क और अन्य अविश्वसनीय नेटवर्क के बीच एक बाधा या लक्ष्मण रेखा के रूप में कार्य करती हैं  जब कोई बाहरी व्यक्ति आपके कंप्यूटर में घुसपैठ करना चाहता हैं तब ये उसे रोकती हैं.  एक अच्छी फ़ायरवॉल आपको कई खतरों से बहती हैं।


७. ३ एंटीवायरस  (Antivirus) : हमारे कंप्यूटर को खतरा सिर्फ बहार से नहीं वरन अंदरुनी भी होता हैं. बहुदा कुछ वायरस खास तौर पर ट्रोजन हॉर्स तो आपके कंप्यूटर का ही अंग बने रहते हैं और जैसे ही उन्हें  प्राप्त होती हैं वे अपने बनाने वाले को भेज देते हैं. मान लीजिये आपने अपने  बहुत सारे सीक्रेट एक फाइल में संजो के रखे हैं तो ये ट्रोजन हॉर्स उसे अपने मालिक तक पंहुचा देंगे।  इससे बचने का तरीका हैं एक अच्छा एंटीवायरस इस्तेमाल करना।


मैं चाहता हु की आप सब सुरक्षित रहे और अपने आपको टेक्नोलॉजी के अनुरूप ढाले। मेरे इस प्रयास से अगर आपको फायदा होता हैं तो मैं इसे सार्थक मानूंगा।

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