क्या आप इंजीनियरिंग करने जा रहे हैं. तो क्या आप ये जानते हैं. (How to choose an engineering college)

आजकल जैसे मार्किट में एडमिशन का सैलाब आ गया हैं।  जहां देखो  वहा  आपको एडमिशन के पोस्टर ही पोस्टर मिल जायेंगे कोई कॉलेज आपको मुफ्त में एडमिशन दे रहा हैं तो कोई लुभावने बैनर्स के तले एडमिशन लेना चाह रहा हैं. एक तरफ दुनियाभर के कॉलेज खुल गए हैं और दूसरी ओर कॉलेजेस को  एडमिशन्स नहीं मिलते, अजीब विटंबना हैं. एक वो दौर था जब कॉलेज  कम होते थे और स्टूडेंट ज्यादा अब स्टूडेंट से ज्यादा कॉलेज। देखने वाली बात होती हैं की इस बिच स्टूडेंट्स में क्या चर्चा हो रही हैं.


कल जब मैं  जॉगिंग कर रहा था और मैंने कुछ बच्चों को बात करते सुना "अरे यार मैं तो पुणे के फोर्ट(नाम बदला गया हैं.) इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लूंगा." दूसरे दोस्त के पूछे जाने पर की क्यों इतनी दूर जब की यहाँ अपनी सिटी में भी कॉलेज हैं. तो दूसरे बच्चे ने कहा अरे वो अपने राज्य का सबसे अच्छा कॉलेज हैं और कंपनी वहाँ के स्टूडेंट को तुरंत उठाती हैं.




मैं सोच में पढ़ गया की मैंने भी कई इंटरव्यू दिए हैं और मुझे कभी किसीने नहीं पूछा की आप किस यूनिवर्सिटी से हो या किस कॉलेज से हो. बस पूछा तो मेरे परसेंटेज और मेरा पसंदीदा सब्जेक्ट और उसका ज्ञान। मेरे ख्याल से आपको कोई कंपनी यूनिवर्सिटी शायद ही पूछती हैं फिर चाहे वो स्टूडेंट नागपुर का हो. बिहार का हो या फिर दिल्ली मुंबई या पुणे का. अगर आपमें प्रतिभा हैं तो आप कही भी जा सकते हो.



कॉलेज और अपनी ब्रांच चूस करते समय ये जरुरु देखे की वहाँ लेक्चर ठीकसे होते हैं या नहीं उस कॉलेज में भेदभाव तो नहीं होता , उस कॉलेज के स्टाफ खुश हैं या नहीं और सबसे महत्वपूर्ण बात उस कॉलेज का डिसिप्लिन कैसा हैं. आर्गेनाइजेशन में डिसिप्लिन की कमी हो तो वो ज्यादा दिन नहीं टिकता और अपने  स्टूडेंट्स को कुछ दे भी नहीं पता.




कॉलेज अक्रिडेटेड हैं या नहीं ये भी जरुरु देखे। अगर आप कॉलेज में कितने कैंपस सिलेक्शन होते हैं यह सोचकर कॉलेज का विकल्प चुनते हैं तो ये गलत हैं। मुझे बताईये किसी एक ब्रांच से २० स्टूडेंट किसी दिग्गज कंपनी में सिलेक्ट होते हैं तो क्या बाकीके ४० बच्चे जॉब से वंचित रह गए।  ऐसा  होता तो शायद कम्पनिया बंद पड़ जाती। आजभी कंपनी को अपने ८० % स्टाफ ऑफ कैंपस से मिलते हैं.



आपका लिया हुआ एक सही फैसला आपके अगले ४० साल बनाने वाला हैं और हा दूर के ढोल सुहावने लगते हैं बेटर हैं की अपने घर से नजदीक के किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन ले  ताकि आप आर्थिक ,सामाजिक और मानसिक तरीके खुश रहे. एक खुश रहने वाला स्टूडेंट ज्यादा बेहतर परफॉर्म कर सकता हैं। मगर एक बात और कहना चाहता हु की अगर आपको सचमे एक बेहतर कॉलेज मिलता हैं तो जाइए और ज्वाइन कीजिये मगर हा अपना मक़सद मत भूलिए की आप घर से दूर क्या करने आये हैं.


अक्सर मैं स्टूडेंट को पूछते हुए देखता हु की फलाना ब्रांच का स्कोप क्या होगा। या जो ब्रांच बूम में  हैं ,या फ़िलहाल जिस ब्रांच से सबसे ज्यादा लोग जॉब पा  रहे हैं क्या मई वो ले लु ?. इंजीनियरिंग एक सैनोसिडल वेव की तरह हैं।  इसलिए जो ब्रांच आज उच्च शिखर पर हैं, वो शायद अगले ४ साल में वजूद खो दे और उसके जॉब कम हो जाये।  इसलिए भेड़ की तरह न करे पहले सोचे की कितने % लोग अभी जॉब पा चुके हैं और कितने दिनों तक वेकन्सी रहने वाली हैं. और सबसे अच्छी और महत्वपूर्ण बात।  आपको जिसमे मज़ा आये वो ब्रांच ले।  नकि दोस्त ने बोला और मैंने ले लिया. 



ये वो फ़ोर्स होगा जो आपको आपके चार साल की पढाई में आपको अपने मकसद को पूरा करने में मदद करेगा।



मैं जनता हु की इस एक लेख में मैं आपको वो सभी बाते नहीं बता सकता जो एक अच्छा कॉलेज चूस करने में आपकी मदद करे , क्यों न इसे हम सब मिलके चर्चा का विषय बनाए। आप अपने सुझाव कमेंट में डाले और बताये।